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Kshitij Bhag 1 Class 9 - NCERT - 23: क्षितिज भाग-१ ९वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadक्षितिज भाग-1 9वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक में दो खंड (गद्य-खंड और काव्य खंड) दिए है, काव्य खंड में हिंदी कविता के विभिन्न कालों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ कवियों की कविताओं को यहाँ संकलित किया गया है। हिंदी कविता के ऐतिहासिक विकास से भी वे वाकिफ़ हो सकें इसलिए संकलित कवियों की कविताओं को काल-क्रमानुसार रखा गया है। गद्य विधाओं के चयन में कहानी, यात्रा-वृत्तांत, निबंध, डायरी, व्यंग्य, आत्मकथा आदि विधाओं की गद्य रचनाएँ पुस्तक में रखी गई हैं। पुस्तक में गद्य और काव्य खंड के रचनाओं को 'सरलता से कठिनता की ओर' के शैक्षणिक सूत्र को ध्यान में रखकर संकलित किया गया है।
Kshitij Bhag 1 class 9 - RBSE Board: क्षितिज भाग 1 9वीं कक्षा - आरबीएसई बोर्ड
by Madhyamik Shiksha Board Rajasthan Ajmerक्षितिज भाग 1 माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान हेतु कक्षा नवमी के हिन्दी विषय हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार की गई है। इस पुस्तक में दो खंड (गद्य-खंड और काव्य खंड) दिए है, काव्य खंड में हिंदी कविता के विभिन्न कालों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ कवियों की कविताओं को यहाँ संकलित किया गया है। हिंदी कविता के ऐतिहासिक विकास से भी वे वाकिफ़ हो सकें इसलिए संकलित कवियों की कविताओं को काल-क्रमानुसार रखा गया है। गद्य विधाओं के चयन में कहानी, यात्रा-वृत्तांत, निबंध, डायरी, व्यंग्य, आत्मकथा आदि विधाओं की कुल आठ गद्य रचनाएँ पुस्तक में रखी गई हैं। पुस्तक में गद्य और काव्य खंड के रचनाओं को 'सरलता से कठिनता की ओर' के शैक्षणिक सूत्र को ध्यान में रखकर संकलित किया गया है।
Kshitij Bhag-2 class 10 - JCERT: क्षितिज भाग-२ १०वीं कक्षा - जेसीईआरटी
by Jharkhand Shaikshik Anusandhan Evam Prashikshan Parishad Ranchi"क्षितिज भाग 2" दसवीं कक्षा की हिंदी पाठ्यपुस्तक है जिसमें 17 लेखकों की रचनाएँ सम्मिलित हैं। इसमें आठ गद्य रचनाएँ और नौ कविताएँ हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को हिंदी साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों से परिचित कराना है। गद्य खंड में विभिन्न साहित्यिक शैलियों का उपयोग करते हुए लेखकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दों पर विचार व्यक्त किए हैं। कविता खंड में सूरदास, तुलसीदास, देव, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जैसे प्रमुख कवियों की रचनाएँ दी गई हैं। इन कविताओं के माध्यम से विभिन्न कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियों को दर्शाया गया है, जैसे भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल। कविताओं में भाषा और छंद के माध्यम से काव्य-सौंदर्य को उकेरा गया है। गद्य खंड में विभिन्न विधाओं की कहानियाँ, आत्मकथाएँ और संस्मरण हैं। इनमें लेखक अपनी जीवन की घटनाओं और समाज के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं। मन्नू भंडारी, यशपाल, रामवृक्ष बेनीपुरी जैसे लेखकों की रचनाएँ इसमें शामिल हैं। इन गद्य रचनाओं का उद्देश्य छात्रों को विचारशीलता, व्यंग्य और सामाजिक मुद्दों पर सोचने के लिए प्रेरित करना है। इस पुस्तक का उद्देश्य छात्रों को हिंदी साहित्य के गहन अध्ययन के लिए प्रेरित करना और उनकी भाषा कौशल को निखारना है।
Kshitij Bhag 2 class 10 - NCERT: क्षितिज भाग 2 10वीं कक्षा - एनसीईआरटी
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadक्षितिज भाग 2 10वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है । दसवीं कक्षा के लिए हिंदी के ‘अ’ पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 आपके सामने है। इस संकलन में सत्रह रचनाकारों की रचनाएँ शामिल हैं जिनमें आठ गद्य रचनाएँ और नौ कवियों की कविताएँ हैं। कविताओं को ऐतिहासिक कालक्रम के अनुसार रखा गया है। उद्देश्य यह रहा है कि भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल की विभिन्न प्रवृत्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कवियों की कविताओं के माध्यम से विद्यार्थी हिंदी कविता की विकास-यात्र से परिचित हो सकें।
Kshitij Bhag-2 class 10 - NCERT - 23: क्षितिज भाग-२ १०वीं कक्षा - एनसीईआरटी - २३
by Rashtriy Shaikshik Anusandhan Aur Prashikshan Parishadक्षितिज भाग 2 10वीं कक्षा का राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् ने पुस्तक हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है। दसवीं कक्षा के लिए हिंदी के ‘अ’ पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 पाठ्यपुस्तक मे बारह रचनाकारों की रचनाएँ शामिल हैं जिनमें छह गद्य रचनाएँ और छह कवियों की कविताएँ हैं। कविताओं को ऐतिहासिक कालक्रम के अनुसार रखा गया है। हिंदी की प्रमुख गद्य विधाओं और शैलियों का परिचय कराने के लिए विचारात्मक और व्यंग्यात्मक निबंधों के साथ कहानी, संस्मरण, रेखाचित्र, आत्मकथा आदि विधाओं को शामिल किया गया है। प्रसिध्द लेखकों के साथ कुछ नए लेखकों और शैलियों का समावेश किया गया है।
Kshitiz class 10 - RBSE Board: क्षितिज 10वीं कक्षा - आरबीएसई बोर्ड
by Madhyamik Shiksha Board Rajasthan Ajmerमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा विषय को अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया गया है । बोर्ड द्वारा गठित इस विषय की पाठ्यक्रम समिति द्वारा नवीन पाठ्यक्रमानुसार विद्यार्थियों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर अथक मेहनत के साथ पुस्तक लेखन किया गया है । इस पुस्तक की रूपरेखा उन्नीस पाठों में समाहित है । दस पद्य पाठ और नौ गद्य पाठ । कवियों को कालक्रमानुसार सजाया गया है । गद्य में इस टेक का निर्वहन संभव नहीं हो पाया है । गद्य खण्ड में यह प्रयास रहा है कि नवलेखन की विविध बहुरंगी विधाओं से आपका रचनात्मक परिचय एवं लगाव स्थापित हो जाए । शब्द और स्मृति के इस आयोजन की आप सैर करें ।
Kuch Sahityik Samasyein
by Sriyut SahridayaThe book deals with the problems writers face while writing literature. The author picks up all the major problematic areas and tries to explain them.
Kuraj Bandhi Gaay
by Indardan Dethaइन्दरदान देथा दवारा रचित यह पुस्तक एक गाय की कहानी पर आधारित है। जिसमें गाय से मिलने वाले लाभ और उनके पालन पोषण के बारे में बताया गया है।This book is based on the story of a cow written by Indrada Detha. In which the benefits of cow's and their upbringing are reported through the story.
Kurukshetra April 2022: कुरूक्षेत्र अप्रैल 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र हिंदी अप्रैल 2022 ग्रामीण महिला सशक्तिकरण विशेष मासिक पत्रिका
Kurukshetra April 2023: कुरुक्षेत्र अप्रैल २०२३
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र अप्रैल २०२३ पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु पंचायती राज और गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका, बाल हितैषी गाँव, पर्याप्त जल संसाधन युक्त गाँव, ढांचागत आत्मनिर्भर गाव, सुशासित गाँव, भेदभाव रहित विकास, स्वस्थ गाँव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गाँव और स्वच्छ एवं हरित गाँव हैं। पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से आज देश में हर दूसरे गाँव में सफलता की नित नई कहानियाँ लिखी जा रही है। आज पंचायतों में महिलाओं सहित सभी कमजोर वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलने से वे राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं जिसने गाँवों की तस्वीर और तकदीर दोनों ही बदल दी है। निसंदेह निकट भविष्य में 'स्मार्ट' गाँवों की तर्ज पर तेजी से आगे बढ़ रहे हमारे गाँवों की विकास गाथा एक नया इतिहास रचेगी।
Kurukshetra April 2024: कुरुक्षेत्र अप्रैल २०२४
by Publications Divisionअप्रैल 2024 संस्करण, ए जर्नल ऑन रूरल डेवलपमेंट का कुरुक्षेत्र "पर्यटन: समृद्ध ग्रामीण विकास" विषय पर केंद्रित है। यह संस्करण बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास और सतत विकास को चलाने के लिए पर्यटन को एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। कवर में प्रतिष्ठित भारतीय परिदृश्यों और सांस्कृतिक स्थलों की जीवंत छवियां हैं, जो देश भर में विविध पर्यटन संभावनाओं को उजागर करती हैं।
Kurukshetra August 2022: कुरुक्षेत्र अगस्त 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र अगस्त 2022 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु ग्रामीण उद्योग हैं।
Kurukshetra August 2023: कुरुक्षेत्र अगस्त २०२३
by Publications Divisionकुरूक्षेत्र अगस्त 2023 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। इस अंक में 'पोषण' से सम्बन्धित महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं सहित भारत सरकार के इस दिशा में उल्लेखनीय प्रयासों और दृष्टिकोण की जानकारी समाहित की गई है। खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे सरकारी प्रयासों सहित आगे की राह आसान बनाने हेतु अपने सुझाव भी विशेषज्ञ लेखकों द्वारा दिए गए हैं। उम्मीद है कि ये अंक पोषण सम्बंधित आपके ज्ञान को बढ़ाने और खानपान के सन्दर्भ में आपको जागरूक करने में मददगार होगा।
Kurukshetra December 2022: कुरुक्षेत्र दिसंबर 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र दिसंबर 2022 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु ई-गवर्नेस हैं।
Kurukshetra December 2023: कुरुक्षेत्र दिसम्बर २०२३
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र दिसम्बर २०२३ पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु आत्मनिर्भर गाँव हैं। संक्षेप में, गाँवों में बिजली, पानी और कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे तक पहुँच संबंधी हाल की प्रगति से 'आत्मनिर्भर गाँव' की परिकल्पना के जल्द ही साकार होने की आशा है। दूरसंचार प्रौद्योगिकी में प्रगति ने ग्रामीण समुदायों को दूरस्थ कार्य के लिए और कम लागत पर जोड़ा है। आज इंटरनेट और ए आई के इस युग में रोजगार के अवसरों के लिए प्रवास जरूरी नहीं रह गया है। इन सभी प्रयासों के बीच सम्पूर्ण भारत में समृद्धि तभी संभव है जब गाँव स्वयं इस आंदोलन का नेतृत्व करें।
Kurukshetra February 2022: कुरूक्षेत्र फरवरी 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र फरवरी 2022 हिंदी में प्रकाशित होने वाली एक मासिक पत्रिका है। पत्रिका ग्रामीण पुनर्निर्माण और ग्रामीण लोकतंत्र के सभी पहलुओं के लिए समर्पित है। पत्रिका में ग्रामीण विकास पर शिक्षाप्रद और सूचनात्मक लेख हैं और यह विद्वानों, शिक्षाविदों और सिविल सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उपयोगी है।
Kurukshetra February 2023: कुरुक्षेत्र फरवरी २०२३
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र फरवरी 2023 पत्रिका का संस्करण नवीकरणीय संसाधनों पर केंद्रित है।
Kurukshetra February 2024: कुरुक्षेत्र फरवरी २०२४
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र फरवरी २०२४ पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु खाद्य भंडारण अवरंसरचना हैं। संक्षेप में, देश में वर्तमान में खाद्य भंडारण अवसंरचना की कमी के चलते जो बाधाएं हमारी आत्मनिर्भरता और विकास के मार्ग में आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस अंक में विशेषज्ञों के लेखों के माध्यम से खाद्य भंडारण क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई है और उनके समाधान ढूँढने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया गया है। उम्मीद है कि इस विषय में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए ये अंक संग्रहणीय होगा।
Kurukshetra January 2022: कुरूक्षेत्र जनवरी 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र जनवरी 2022 हिंदी में प्रकाशित होने वाली एक मासिक पत्रिका है। पत्रिका ग्रामीण पुनर्निर्माण और ग्रामीण लोकतंत्र के सभी पहलुओं के लिए समर्पित है। पत्रिका में ग्रामीण विकास पर शिक्षाप्रद और सूचनात्मक लेख हैं और यह विद्वानों, शिक्षाविदों और सिविल सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उपयोगी है।
Kurukshetra January 2023: कुरुक्षेत्र जनवरी २०२३
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र जनवरी 2023 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु सहकारिता हैं।
Kurukshetra January 2024: कुरुक्षेत्र जनवरी २०२४
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र जनवरी २०२४ पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु ग्रामीण भारत को पुनर्परिभाषित करते स्टार्टअप्स हैं। स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप संस्कृति को उत्प्रेरित करना और भारत में नवाचार और उद्यमिता के लिए एक मज़बूत और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जिससे देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो।
Kurukshetra July 2022: कुरुक्षेत्र जुलाई 2022
by Publications Divisionजल संसाधन प्रबंधन के संबंध में जागरूकता की सख्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, कुरुक्षेत्र के इस जुलाई 2022 के विशेष अंक का विषय जल संसाधन है।
Kurukshetra July 2023: कुरुक्षेत्र जुलाई २०२३
by Publications Divisionकुरूक्षेत्र मार्च 2023 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। इस अंक में सतत कृषि विकास की आवश्यकता, सतत कृषि पद्धतियों और इस दिशा में हुए नवाचार और सरकार द्वारा उठाए जा रहे क़दमों की जानकारी को समेटा गया है।
Kurukshetra June 2022: कुरुक्षेत्र जून 2022
by Publications Divisionकुरुक्षेत्र जून 2022 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु ग्रामीण पर्यटन, भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का विकास हैं। पत्रिका भारत के विभिन्न हिस्सों में पर्यटकों के आकर्षण पर प्रकाश डालती है।
Kurukshetra June 2023: कुरुक्षेत्र जून २०२३
by Publications Divisionकुरूक्षेत्र जून 2023 पत्रिका का संस्करण ग्रामीण विकास को समर्पित है। पत्रिका में प्रमुख बिंदु जल संरक्षण हैं।